Sunday, July 18, 2021

Bad News for EPS 95 Pensioners: Judgement delivered by the Kerala High Court order on 12 October 2018 in R/O WPC 13120 of 2015 and other matter has been stayed by Supreme Court

Effect and operation of the judgement delivered by the Kerala High Court order on 12 October 2018 in R/O WPC 13120 of 2015 and 602 of 2015 and connected matters that is more than 500 matter has been stayed by Supreme Court on 12 july 2021

Click Here to Download: SC Stay Order dt. 12.07.2021 in SLP 8547 of 2021 - KHC order dt 12.10.2018 in WPC 13120 & 602 of 2015


For information of all EPS 95 pensioners you will be astonished to know that the learn advocate general of India that is Mr. K K Venugopal has succeeded in obtaining stay order from the supreme court through the bench consisting of the Honorable Justice Mr. Uday Umesh Lalit and Honorable Justice Mr. Ajay Rastogi during the hearing of an SLP No. 8547/2021 on 12th July 2021 title Sandip Biswas RPFC Vs Jojo Jacob and arising out of impugned final judgement and order dated 6th November 2020 in CCC No. 1176 of 2019 passes by the high court of Kerala at Ernakulam.


The observations related to above information were on the basis of information provided by a concerned AOR of SC engaged in many WPs and also the stand taken by EPFO (through Mr. Siddharth, Advocate) before the Himachal High Court, Shimla on 13.07.2021 during the course of hearing an LPA and agreeing to EPFO’s statement reg. STAY GRANTED BY SC ON 12.07.2021, the said case had further been adjourned to 20.07.2021.


As Per detailed discussions with an eminent advocate of Kerala who has been engaged in several hundred cases by the pensioners at Kerala High Court (including CCC no. 1176 of 2019 which was reg. non compliance of orders dt. 12.10.2018 of KHC). This order dt. 06.11.2020 in Contempt cases challenged by EPFO in SC (SLP 8547 of 2021) was a common order deciding around 70-80 other connected similar matters too wherein the non compliance of order dt. 12.10.2018 had been agitated/ alleged. As per the interpretation of the aforesaid advocate, the stay order dt. 12.07.2021 will be applicable ONLY TO THOSE CASES WHICH HAD BEEN CHALLENGED BY EPFO IN SC THROUGH SLP NO. 8547 OF 2021.


His views are based on the text of the order dt 12.07.2021 which says that “Pending further consideration, the effect and operation of the judgment PRESENTLY UNDER CHALLENGE shall remain stayed.” The judgment under challenge was in the case CCC no. 1176/2019.

Now, which way the EPFO interprets the order dt 12.07.2021 will be known in the times to come and we have no other option but to wait & watch.

Credit Hon. Mr Parveen Kohli



 


 

Wednesday, July 14, 2021

EPS 95 MINIMUM PENSION HIKE 7500+DA News: EPS 95 पेंशनधारकों की पेंशन 7500 बढ़ोतरी के लिए श्रम मंत्री भूपेंद्र यादवजी को लिखा पत्र

जैसा कि सभी इपीएस 95 पेंशनधारकों को अवगत है कि राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा eps-95 पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी 7500 समेत जो अन्य चार सूत्रीय मांगे हैं तो उन मांगों के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इन्हीं प्रयासों के मद्देनजर eps-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा देशभर में कई आंदोलन किए गए कई मंत्रियों महोदय के साथ मुलाकात की गई पर अभी तक eps-95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी का नाम नहीं लिया जा रहा है।


ऐसे में राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा नव निर्वाचित श्रम मंत्री भूपेंद्र यादवजी को एक पत्र eps-95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी के लिए माननीय कमांडर अशोक राउतजी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा 13 जुलाई को भेजा गया है। जिसमें उन्होंने eps-95 पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ोतरी की जो मांगे हैं और इससे पहले माननीय प्रधानमंत्री जी के साथ जो बैठक 4 मार्च 2020 को संपन्न हुई थी तो उसका जिक्र करते हुए उसे जल्द से जल्द हर करने के लिए कहा गया है।


माननीय कमांडर अशोक राउतजी ने इस पत्र में माननीय श्रम मंत्री जी को सबसे पहले श्रम मंत्री पद पर विराजमान होने के लिए समस्त NAC सदस्य और 67 लाख ईपीएस 95 पेंशनधारकों की ओर से बधाई दी है। उसके बाद पिछले श्रम मंत्री जी की तरफ से दिए गये आश्वासन के बारे में बताया गया है। जिसमे पेंशन बढ़ोतरी का आश्वासन दिया गया पर अभी तक eps-95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी नहीं हुई है। साथ ही पिछले श्रम मंत्री जी की तरफ द्वारा दिए गए आश्वासन के मद्देनजर eps-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति द्वारा देशभर में चलाए गए आंदोलनो को वापस ले लिया गया केवल बुलढाणा महाराष्ट्र में eps-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति की तरफ से पिछले 933 दिनों से क्रमिक अनशन चलाया जा रहा है।


महोदय, हमने अपने देश में कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए भारत के बुजुर्ग नागरिक होने के नाते अपना संयम और धैर्य दिखाया है। लेकिन सदस्यों का आपके मंत्रालय पर से विश्वास उठ गया है, क्योंकि पिछले श्रम मंत्री जी की तरफ द्वारा दिया गया सरकारी वादा मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा कूड़ेदान में फेंक दिया गया है।




Good News For 67 Lakh EPS 95 Pensioners: लोकसभा के आगामी मानसून सत्र में EPS 95 पेंशन को 7500 बढोतरी समेत महंगाई भत्ते के साथ अन्य मांगे उठाने मिला ठोस आश्वासन, EPS 95 पेंशनधारकों में खुशी की लहर

जैसा कि सभी EPS 95 पेंशनधारकों को अवगत है कि पिछले कई सालों से EPS 95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है, पर अभी तक EPS 95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसी को देखते हुए EPS 95 पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ोतरी के लिए राष्ट्रीय संघर्ष समिति मुरादाबाद मण्डल के पदाधिकारियो द्वारा EPS 95 पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन को ₹1000 से बढ़ाकर ₹7500 किया जाए तथा उसे महंगाई भत्ते के साथ चिकित्सा सुविधाएं दिलाने की मांग को लेकर मुरादाबाद के माननीय सांसद एस. टी. हसन साहब को ज्ञापन सौंपा गया है।

माननीय सांसद महोदय ने समस्त EPS 95 पेंशनधारकों की जो मांगे हैं जिनमें EPS 95 पेंशनधारकों को न्यूनतम पेंशन ₹7500 दिया जाए साथ ही उसे महंगाई भत्ते के साथ भी जोड़ा जाए और यदि आवश्यक है तो बजट में प्रावधान किया जाए, इसके लिए कानून पास किया जाए। यह उचित मांग कोशियर समिति (राज्यसभा पिटिशन 147) के अनुसार महंगाई भत्ता 7 से 8 वर्षों में बढ़ी हुई महंगाई को देखते हुए की गई है।

उसके बाद EPFO द्वारा 31 मई 2017 को जो अंतरिम पत्र जारी किया गया है उसे वापस लेकर ईपीएफओ के परिपत्र दिनांक 23 मार्च 2017 के अनुसार उच्च पेंशन प्रदान किया जाए।

उसके बाद सभी EPS 95 पेंशनधारकों तथा उनके पति या फिर पत्नी को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दिए जाए यदि स्कीम में प्रावधान नहीं है तो कृपया प्रावधान करवाएं, नियम कानून सभी के लोक कल्याण के लिए होते हैं।

उसके बाद जिन सेवानिवृत्त कर्मचारियों को EPS 95 पेंशन योजना में शामिल नहीं किया गया है उन्हें उसका सदस्य बनाकर योजना में लाया जाए अथवा उन्हें ₹5000 की राशि पेंशन के तौर पर दी जाए। देश में ऐसे निवृत्त कर्मचारियों की संख्या बहुत ही कम है, जिनको पेंशन दी जा सकती है।

माननीय सांसद महोदय ने इन सभी समस्त मांगों को विस्तार से सुना तथा उनकी गंभीरता को समझते हुए उक्त मामले को लोकसभा में रखने का आश्वासन दिया है। EPS 95 पेंशन वृद्धि के लिए ज्ञापन प्रस्तुत करते समय प्रतिनिधि मण्डल में श्री डीके सिंह मण्डल अध्यक्ष, सुश्री मंजू लता सक्सैना मण्डल अध्यक्ष महिला मोर्चा, रमेश चन्द्र त्रिवेदी जिलाध्यक्ष, श्री. मटरू लाल समन्वयक एवं श्री राजीव शुक्ला सचिव और रामसरन शर्मा उपाध्यक्ष मुरादनाद एवं श्री प्रदीप अग्रवाल जिलाध्यक्ष सम्भल मुख्यरूप से उपस्थित रहे और सेवा निवृत EPS 95 कर्मचारियो से सम्बन्धित समस्याओ से सांसद महोदय को अवगत कराया गया आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

सारांश: सांसद महोदय आगामी मानसून सत्र मे ज्ञापन से सम्बन्धित सभी मांगो को संसद में उठाने का आश्वासन दिया गया तथा भविष्य मे EPS 95 कर्मचारियो को हर सम्भव सहायता करने का आश्वासन दिया गया।


Saturday, July 10, 2021

EPS 95 PENSION 7500+DA LATEST NEWS: EPS 95 पेंशनधारकों को मा. सांसद हेमा मालिनी जी ने दिलाया विश्वास और कहा कि वह उनके साथ है | EPS 95 7500+DA

NAC के EPS 95 पेंशनर्स बचाओ राष्ट्र व्यापी अभियान अंतर्गत दिनांक 30.06.2021 को मा. सांसद श्रीमती हेमा मालिनी जी ने फिर से ईपीएस 95 पेंशनधारको को भरोसा दिलाया है की वह ईपीएस 95 पेंशनधारको की मांगो को मंजूर करवाने हेतु वचनबद्ध है। NAC के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आशाराम शर्मा ने की फिर से मा.सांसद श्रीमती हेमा मालिनी जी से मुलाकात की और उन्हें ईपीएस 95 पेंशन धारको की समस्याओ से अवगत करवाया । मा. सांसद श्रीमती हेमा मालिनी जी ने फिर दिलाया EPS 95 पेन्शनर्स को विश्वास। NAC के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आशाराम शर्मा ने मा.सांसद श्रीमती हेमा मालिनी जी से मुलाकात की।

मा. कमांडर अशोक राऊत, राष्ट्रीय अध्यक्ष के मार्गदर्शन में NAC संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री आशाराम शर्मा के नेतृत्व में संगठन की केंद्रीय टीम ने NAC संगठन की शुभ चिंतक मा. हेमा मालिनी जी से की दिनांक 30 जून 2021 को मुलाकात की। मा. हेमामालिनी जी ने EPS पेंशनधारकों से साधा सीधा संवाद और जानी EPS पेंशनधारकों की व्यथा, और EPS 95 पेंशनधारकों के मन में विश्वास जगाया। साथ ही दी उनके द्वारा किए गये प्रयत्नों की जानकारी। मा. सांसद महोदया ने आगे कहा कि आप सभी धैर्य रखे, मैं आप की मांगों के समर्थन में आपके साथ हूं।

इस संदर्भ में मा. श्रीमती हेमा मालिनी जी ने बताया "कि पेंशनर्स की मांगों के समर्थन में मेरा पूरा प्रयास जारी है, संबंधित महानुभावों से मेरी बातचीत भी जारी है, वह पेंशनर्स के साथ है व पेंशनर्स की मांगों को पूर्ण करवाने हेतु वचनबद्ध भी है" साथ ही मा. श्रीमती हेमा मालिनी जी ने संगठन को थोड़ा सा और धैर्य रखने की सलाह दी।

ज्ञातव्य हो कि दिनांक 4 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री जी द्वारा स्वयं हेमा जी की उपस्थिति में NAC के प्रतिनिधियों को आश्वासन भी दिया गया था और संबंधित मंत्री महोदय को दिशा निर्देश भी दिए गए थे तभी से यह वृद्ध पेंशन धारक आशा भरी नज़रों से प्रधानमंत्री जी की ओर देख रहे है।

यह भी ज्ञातव्य हो कि NAC संगठन द्वारा सभी आंदोलन वापिस ले लिए गए है लेकिन NAC के मुख्यालय बुलढाणा (महाराष्ट्र) में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने क्रमिक अनशन अखंडित जारी है  और इस अनशन को 925 दिनों से ज्यादा दिन हो चुके है।


 


Wednesday, July 7, 2021

EPS 95 HIGHER PENSINO CASES HEARING: 27 महीने के लम्बे इंतजार के बाद 67 लाख EPS पेंशनधारको के उच्चतम वेतन पर पेंशन के मामलों पर सुप्रीम में कोर्ट होगी सुनवाई

CALCULATE YOUR HIGHER PENSION AS PER SUPREME COURT ORDER


27 महीने के लम्बे इंतजार के बाद, सुप्रीम कोर्ट कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा दायर अपील पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका पर होने के आसार दिखाई दे रहे है। 

इस संबंध में ताजा खबर यह है कि सर्वोच्च न्यायालय ने केरल उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा दायर अपील में विरोधी पक्षों को नोटिस दिया था, जिससे पूर्ण पेंशन का वितरण होता है।

इस सुनवाई में शीर्ष अदालत ने दो सप्ताह के भीतर जवाब देने की मांग की थी और मामले को 23 मार्च के लिए स्थगित कर दिया। ईपीएफओ ने मामले को स्थगित नहीं करने का अनुरोध किया था क्योंकि केरल उच्च न्यायालय के फैसले पर तुरंत रोक लगाने के लिए एक अंतरिम याचिका दायर की गई है। उन्होंने तर्क दिया था कि उच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार पेंशन में 50 गुना की वृद्धि होगी और वे पेंशनरों के अधीक्षण के दौरान राशि की वसूली नहीं कर सकते हैं।

जनवरी में न्यायमूर्ति यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने केवल सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को वापस ले लिया, जबकि उच्च न्यायालय के फैसले को रोक दिया गया था, यह अभी भी वैध है। इसके बाद, EPFO ने मामले पर तुरंत विचार करने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने आश्वासन दिया था कि मामले को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा और सुनवाई 23 मार्च से दैनिक आधार पर आयोजित की जाएगी। पर मार्च 2021 में भी इन मामलों पर फैसला नहीं हुवा और इन मामलो को आगे सुनवाई के लिए इंतजार का रास्ता दिखाया गया।

अब इन मामलों पर 20 जुलाई 2021 विचार  किया जा सकता है। 67 लाख EPS पेंशनधारक उम्मीद कर रहे हैं कि पुरे वेतन के अनुसार पेंशन के लिए उनका लंबा इंतजार इस फैसले के साथ समाप्त होगा। इससे पहले, केरल उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय दोनों ने 67 लाख EPS पेंशनधारको के पक्ष में फैसला सुनाया था। EPFO द्वारा पुरे वेतन पर पेंशन के आवेदन को यह कहकर अस्वीकार कर दिया जाता रहा है की श्रम और रोजगार मंत्रालय की अपील और EPFO ​​की समीक्षा याचिका को लंबित है।


इससे पहले भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 1 अप्रैल, 2019 को केरल उच्च न्यायालय के फैसले को बरकरार रखा था जिसमे कहा गया था की कर्मचारी पेंशन योजना 1995 (EPS 95) से पुरे वेतन पर मासिक पेंशन दिए जाये। इसके बाद, श्रम मंत्रालय ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील दायर की बावजूद EPFO ​​द्वारा पहलेसे दायर समीक्षा याचिका के।


तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने 12 जुलाई, 2019 को खुली अदालत में दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करने का आदेश दिया। हालांकि, इस संबंध में आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच, संसदीय स्थायी समिति ने पिछले अक्टूबर में इस मामले के बारे में स्पष्टीकरण मांगा।


 



EPS 95 Pensioners Higher Pension Case hearing Latest July Update: Higher Pension cases Hearing May Done in July once Supreme Court Start Funtioning

All EPS 95 Pensioner have been waiting for Hon'ble Supreme Court to start after vacation on 1st July 2021. We are with a hope that the Apex Court under present CJI Sri.N. V. Ramana ji will settle our EPF full higher pension case favourably in our favour. Everything left to GOD only. Whether it is right or not many of my colleagues comments that though Hon'ble SC delivers favorably it will be applicable to those who have petitioned in court but not for all.


Here what I want to say owing to many personal difficulties many might not have filed writ in the court. That means they have to forget. We have no hopes with present Govt. Which is adamant may not realise our difficulties and not helped even in corona PANDEMIC period as extended to others.

The Govt is playing in the court with fake liability of required funds to the tune of 15 lakhs crores. It is quiet wrong. Our strength is also reducing due to many are reaching GOD. As per rough statics of actual strength of existing EPF pensioners are as follows. Right from the release of SC verdict date 4-10-2016 till now more than 2.5 lakhs have left the world.

That means 67 - 2.5 = 64.5 lakhs


Actually all may not claim full higher pension either less than sealing pay and may not contribute difference of contributions with interest. They all come up to 40%. that means roughly 27 lakhs.

Remaining are 64.5 - 27.0 = 37.5 lakhs only.

If the above rough estimate is correct the net required funds by the Govt may be hardly 5 lakhs crores including arrears.Despite difference of contributions paid by pensioners. So we hope for positive verdict for all.


By GOD's Grace due to the elections in Punjab Delhi and UP if Modi Govt shows sympathy for minimum pension of Rs.7500.00 with DA as demanded by NAC is sanctioned all of us will be benefitted as those who are drawing higher pension prior to the year 2005 are also anticipating minimum pension with DA.

All EPS 95 Pensioner hope positively.





Tuesday, July 6, 2021

Very IMP For EPS 95 Pensioners: 965 Review Petitions in the year 2021 by EPFO in the Kerala High Court with Proof See Now

965 Review Petitions in the year 2021 by EPFO in the Kerala High Court

(Source:  Website of Kerala High Court)

EPS 95 Higher Pension Case Hearing Date at Supreme Court


For all 67 Lakh EPS 95 Pensioners Information and Record

You will be astonished to know that in the year 2021 i.e., in about 6 months, EPFO has filed 965 Review Petitions (list attached) in the Kerala High Court.  Without any doubt, this can be inferred that EPFO seems to have filed Review Petitions in r/o all the WPs which had been decided against EPFO by the Kerala High Court (there might be some cases not relating to pension on higher wages)


Apart from above, 5 Writ Appeals have also been filed by EPFO in 2021.  Not sure as to whether these are relating to Writ Petitions regarding EPS’95 (Pension on higher wages).  List of some Writ Petitions filed in 2021 is also attached.


Click this Link to Download List of Review Petitions in the year 2021 by EPFO

CODE A


Thursday, July 1, 2021

Good News For Pensioners: सरकार ने पारिवारिक पेंशन पाने की आवेदन प्रक्रिया को बनाया सरल अब तुरंत मिलेगी पेंशन

घातक कोविड -19 महामारी को देखते हुए, केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए पारिवारिक पेंशन नियमों को सरल बनाया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) द्वारा बनाए गए नियमों में बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि बदले हुए नियम में परिवार पेंशन और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दावा प्राप्त होने पर तुरंत अनंतिम पारिवारिक पेंशन स्वीकृत की जाएगी। अन्य औपचारिकताओं या प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना पात्र परिवार के सदस्य।


पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoP&PW) ने बैंकों से अनुरोध किया है कि वे "पारिवारिक पेंशन के दावेदारों से केवल न्यूनतम आवश्यक विवरण मांगें और यह सुनिश्चित करें कि पेंशन चाहने वालों को परेशान न किया जाए।

"आपसे अनुरोध है कि सीपीपीसी और आपके बैंक की पेंशन भुगतान करने वाली शाखाओं को परिवार पेंशन के दावेदारों से केवल न्यूनतम आवश्यक विवरण / दस्तावेज प्राप्त करने के लिए उपयुक्त निर्देश जारी करें, और यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे नहीं हैं अनावश्यक विवरण और दस्तावेजों की मांग करके किसी भी उत्पीड़न के अधीन, ”डीओपीपीडब्ल्यू ने कहा।


पत्र के अनुसार, बैंक द्वारा पारिवारिक पेंशन शुरू करने के लिए आवेदक के अलावा परिवार के सदस्यों का विवरण प्रासंगिक नहीं है। इसलिए, बैंकों को किसी भी परिस्थिति में आवेदक से इस तरह का विवरण नहीं मांगना चाहिए।

पत्र में कहा गया है, "आवेदक के अलावा परिवार के सदस्यों का विवरण बैंक द्वारा पारिवारिक पेंशन शुरू करने के लिए प्रासंगिक नहीं है और इसलिए किसी भी परिस्थिति में आवेदक से इसकी मांग नहीं की जानी चाहिए।"


पारिवारिक पेंशन का दावा करने के लिए आवश्यक दस्तावेज (Documents required for claiming family pension)

उन मामलों में जहां मृतक पेंशनभोगी और पति या पत्नी का संयुक्त खाता है:

  • परिवार पेंशन की शुरुआत के लिए एक साधारण पत्र या आवेदन पत्र।
  • मृत पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • पेंशनभोगी को दिए गए पीपीओ की प्रति यदि कोई हो।
  • आवेदक की आयु या जन्म तिथि का प्रमाण।
  • पारिवारिक पेंशन शुरू करने के लिए, पति/पत्नी/परिवार के सदस्य को बैंक में फॉर्म 14 जमा करने की आवश्यकता नहीं है।

उन मामलों में जहां पति या पत्नी का मृतक पेंशनभोगी के साथ संयुक्त खाता (Joint Account) नहीं है :

  • फॉर्म 14 आवेदन पर दो गवाहों के हस्ताक्षर आवश्यक हैं।
  • मृत पेंशनभोगी का मृत्यु प्रमाण पत्र।
  • पेंशनभोगी को दिए गए पीपीओ की प्रति यदि कोई हो।
  • आवेदक की आयु या जन्म तिथि का प्रमाण।
  • यह आवश्यक नहीं है कि फॉर्म 14 को राजपत्रित अधिकारी आदि द्वारा प्रमाणित किया जाए। पीपीओ में दी गई जानकारी और इसके अपने "अपने ग्राहक को जानें" मानकों के आधार पर, जारीकर्ता बैंक पति/पत्नी/परिवार के सदस्य का निर्धारण करेगा।

ऐसे मामलों में जहां पेंशनभोगी और पति या पत्नी की मृत्यु होने पर, परिवार पेंशन को परिवार के किसी अन्य सदस्य को हस्तांतरित करना होता है;

  • यदि परिवार के किसी अन्य सदस्य को पारिवारिक पेंशन के लिए पीपीओ में सह-प्राधिकृत किया गया है, तो ऊपर दिए गए प्रोटोकॉल को ही अपनाया जाना चाहिए।
  • यदि परिवार के अन्य सदस्य का नाम पीपीओ पर नहीं है, तो उसे उस कार्यालय में नया पीपीओ प्राप्त करने का निर्देश दिया जा सकता है जहां सरकारी कर्मचारी/पेंशनभोगी पिछली बार कार्यरत था।